यदि कोई वस्तु पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती है, तो वस्तु की गति होगी
एकविमीय गति
द्विविमीय गति
त्रिविमीय गति
इनमें से कोई नहीं
एक वस्तु द्वारा चली गई दूरी समय के अनुक्रमानुपाती है। इसका अर्थ है कि वस्तु
समान चाल से चल रही है
वस्तु की चाल शून्य है
समान वेग से चल रही है
समान त्वरण से चल रही है
एक वस्तु का चाल-समय ग्राफ X-अक्ष के समानान्तर एक रेखा है, इसका अर्थ है।
वस्तु समान गति से चल रही है।
वस्तु असमान गति से चल रही है।
वस्तु स्थिर है।
वस्तु त्वरित गति से चल रही है।
वेग अथवा चाल का मात्रक है।
मीटर-सेकण्ड
मीटर/सेकण्ड
मीटर/सेकण्ड²
मीटर-सेकण्ड²
दो रेलगाड़ियाँ क्रमश u तथा v वेग से विपरीत दिशाओं में चल रही हैं। पहली गाड़ी के सापेक्ष दूसरी गाड़ी का वेग होगा
v - u
u + v
u – v
शून्य
पृथ्वी तल से ऊध्र्वाधर ऊपर की ओर फेंका गया पिण्ड जब महत्तम ऊँचाई पर होता है, तो उसका
वेग अधिकतम होता है।
त्वरण शून्य होता है।
त्वरण अधिकतम होता है।
वेग शून्य होता है।
दो पत्थर परस्पर 3:5 के अनुपात के वेगों से ऊध्र्वाधरतः ऊपर की ओर फेंके जाते हैं। यदि वे क्रमश h1 व h2 ऊँचाई तक जाएँ तो h1: h2 बराबर होगा
3 : 5
5 : 3
15 : 1
9: 25
एक कण का प्रारम्भिक वेग 10 मीटर/सेकण्ड² तथा मन्दन 2 मीटर/सेकण्ड है। कण द्वारा 5वें सेकण्ड में चली गई दूरी है।
1 मीटर
19 मीटर
6 मीटर
75 मीटर
मीनार की चोटी से छोड़ा गया पत्थर पृथ्वी पर 4 सेकण्ड में पहुँचता है। मीनार की ऊँचाई है
20 मीटर
40 मीटर
80 मीटर
160 मीटर
Other
Please Specify:
एक पिण्ड को पृथ्वी से ऊपर की ओर 100 मी/सेकण्ड के वेग से फेंका जाता है। वह वापस पृथ्वी पर पहुँचने में समय लेगा
10 सेकण्ड
20 सेकण्ड
15 सेकण्ड
5 सेकण्ड
एक पिण्ड X-अक्ष की दिशा में इस प्रकार चलता है कि निर्देशांक x, समय t (सेकण्ड) के साथ समीकरण = 2 - 5t + 6t² मीटर के अनुसार परिवर्तित होता है। पिण्ड का प्रारम्भिक वेग है।
– 5 मी/सेकण्ड
– 3 मी/सेकण्ड
6 मी/सेकण्ड
3 मी/सेकण्ड
1000 किग्रा द्रव्यमान की एक कार 40 मी/सेकण्ड की चाल से गति कर रही है। इसे रोकने के लिए ब्रेक लगाया जाता है। यदि ब्रेक का बल 4000 न्यूटन हो, तो कार को रोकने में आवश्यक समय होगा।
5 सेकण्ड
10 सेकण्ड
15 सेकण्ड
20 सेकण्ड
2000 किग्रा द्रव्यमान की एक कार 20 मी/सेकण्ड की चाल से गति कर रही है। ब्रेक का प्रयोग कर कार को रोका जाता है। यदि मन्दक बल 2000 N हो, तो कार को रोकने में आवश्यक समय होगा।
5 सेकण्ड
15 सेकण्ड
10 सेकण्ड
20 सेकण्ड
एक कार सर्वप्रथम 5 किमी. दूरी पूर्व दिशा में तय करती है उसके बाद 12 किमी दूरी उत्तर दिशा में तय करती है। कार द्वारा तय की गई कुल दूरी तथा विस्थापन होगा
17 किमी., 13 किमी.
15 किमी., 40 किमी.
50 किमी., 35 किमी.
5 किमी., 35 किमी.
K.S. पद्धति में त्वरण का मात्रक है।
मीटर/सेकण्ड
न्यूटन/मीटर
मीटर/सेकण्ड²
किग्रा-मीटर/सेकण्ड
चाल-समय ग्राफ का ढाल प्रदर्शित करता है।
चाल
त्वरण
विस्थापन
द्वेग
एक गतिमान वस्तु द्वारा तय की गयी दूरी समय के वर्ग के अनुक्रमानुपाती है। वस्तु का त्वरण
बढ़ रहा है।
घट रहा है।
शून्य है।
नियत है।
जड़त्वीय निर्देश तन्त्र में त्वरण a का मान शून्य होता है, जब
F > 1
F < 1
F = 1
F = 0
0
{"name":"यदि कोई वस्तु पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती है, तो वस्तु की गति होगी", "url":"https://www.quiz-maker.com/QS7G7KNDR","txt":"यदि कोई वस्तु पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती है, तो वस्तु की गति होगी, एक वस्तु द्वारा चली गई दूरी समय के अनुक्रमानुपाती है। इसका अर्थ है कि वस्तु, एक वस्तु का चाल-समय ग्राफ X-अक्ष के समानान्तर एक रेखा है, इसका अर्थ है।","img":"https://www.quiz-maker.com/3012/images/ogquiz.png"}